✍️ विशेष संवाददाता•Published On 11th Sept, 2026 @ 8:47 PM
कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में रीवा में कांग्रेस के आंदोलन को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अनिश्चितकाल तक आंदोलन की बात कही थी, लेकिन पांच दिन में ही इसे समाप्त कर दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि अब भाजपा सरकार की कथित तानाशाही के खिलाफ भोपाल से आंदोलन किया जाएगा।
रीवा। कल्पना मिश्रा की मौत के मामले को लेकर रीवा में कांग्रेस के आंदोलन पर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने अनिश्चितकाल तक आंदोलन करने की बात कही थी, लेकिन पांच दिन में ही आंदोलन समाप्त कर दिया। उन्होंने कांग्रेस की आंदोलन क्षमता और मुद्दों पर सवाल उठाए।
वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार की कथित तानाशाही के खिलाफ अब आंदोलन को भोपाल ले जाया जाएगा।
कल्पना मिश्रा की मौत को लेकर कांग्रेस ने किया आंदोलन
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन शुरू किया था। कांग्रेस की ओर से मामले में कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई जा रही थी। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। भाजपा की ओर से पहले भी कहा गया है कि संवेदनशील मामले की जांच के बीच इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
वीरेंद्र गुप्ता बोले- पांच दिन में ही खत्म कर दिया आंदोलन
भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस के आंदोलन को लेकर कहा कि कांग्रेस अनिश्चितकाल तक आंदोलन करने की बात कर रही थी, लेकिन पांच दिन में ही आंदोलन समाप्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो पर्याप्त लोग हैं और न ही आंदोलन जारी रखने की हिम्मत, क्योंकि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।
गुप्ता ने कहा कि कल्पना मिश्रा की मौत बेहद दुखद घटना है। उनके मुताबिक, सरकार और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल की ओर से मामले में लगातार कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्तर पर निलंबन और पद से हटाने जैसी कार्रवाई भी हुई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कांग्रेस मामले को शांत नहीं होने देना चाहती और राजनीतिक रूप से मुद्दे को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कल्पना रीवा की बेटी थी और मामले में जो भी आवश्यक कार्रवाई है, वह जांच के आधार पर होनी चाहिए।
कांग्रेस बोली- अब भोपाल से होगा आंदोलन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार की कथित तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस अब भोपाल से आंदोलन करेगी। यानी रीवा में चल रहे आंदोलन के बाद कांग्रेस अपने विरोध को प्रदेश स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।
कांग्रेस का कहना है कि कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में परिवार को न्याय मिलना चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
महापौर के कामकाज पर भी भाजपा का हमला
वीरेंद्र गुप्ता ने रीवा नगर निगम के कामकाज को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से रीवा नगर निगम में कांग्रेस का महापौर है और कांग्रेस को अपने कार्यकाल का हिसाब जनता को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा पर काम नहीं करने का आरोप लगाती है, लेकिन उसे पहले यह बताना चाहिए कि नगर निगम में उसके कार्यकाल के दौरान शहर के लिए क्या काम किए गए। हालिया जलभराव के मुद्दे पर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं।
गुप्ता ने कहा कि रीवा में बारिश और जलभराव की स्थिति के दौरान शहर ने नगर निगम की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनता ने कांग्रेस को महापौर की जिम्मेदारी दी थी, तो शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी नगर निगम की थी।
‘महापौर बनकर काम नहीं कर पाए तो विधायक-सांसद बनकर क्या करेंगे’
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के लोग महापौर बनकर काम नहीं कर पाए तो विधायक और सांसद बनकर क्या कर पाएंगे।
उन्होंने कांग्रेस के एक विधायक पर भी आरोप लगाए कि वे कथित तौर पर अनर्गल और मनगढ़ंत बयान देकर महिलाओं और वाल्मीकि समाज का अपमान करते हैं। गुप्ता ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि ऐसी बयानबाजी स्वीकार्य नहीं है।
हालांकि, इन आरोपों को भाजपा जिलाध्यक्ष के राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित विधायक की ओर से इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
आने वाले चुनावों को लेकर भी सियासी तैयारी
वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस रीवा में राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की कोशिश कर रही है और आने वाले चुनावों को देखते हुए मुद्दों को उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस की राजनीति और उसके मंसूबों को समझती है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अगले नगरीय निकाय चुनाव 2027 में होने की प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके बाद राज्य में विधानसभा चुनाव सामान्य कार्यकाल के अनुसार 2028 में होने हैं, जबकि अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है।
‘भाजपा के समय कम बजट में ज्यादा काम हुए’
भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपने पूर्व महापौर कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि जब वे रीवा के महापौर थे, तब नगर निगम का बजट अपेक्षाकृत कम था, लेकिन विकास कार्य अधिक होते थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय शहर में व्यवस्थाएं बेहतर थीं और इस तरह की स्थिति नहीं बनती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस महापौर ने चार वर्षों में रीवा नगर निगम के कामकाज को गर्त में पहुंचा दिया। उनके मुताबिक, यदि महापौर भाजपा सरकार के विकास कार्यों में सहयोग करते और हर काम में अड़चन पैदा नहीं करते तो रीवा की तस्वीर अलग होती।
रीवा में तेज होती सियासी भिड़ंत
कल्पना मिश्रा की मौत का मामला अब स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक टकराव का भी मुद्दा बन गया है। कांग्रेस जहां मामले में और कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस के आंदोलन और उसकी राजनीति पर सवाल उठा रही है।