कौन हैं Abhinandan Varthaman?
Abhinandan Varthaman भारतीय वायुसेना के Decorated Fighter Pilot हैं। उनका जन्म Defence Background वाले परिवार में हुआ। उनके पिता Air Marshal Simhakutty Varthaman भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी और Test Pilot रहे हैं। Abhinandan ने Tamil Nadu के Sainik School, Amaravathinagar में पढ़ाई की और इसके बाद National Defence Academy की Training पूरी की।
19 जून 2004 को उन्हें Indian Air Force के Combat यानी Fighter Stream में Flying Officer के रूप में Commission मिला। आगे उन्होंने Fighter Pilot के रूप में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। वे Su-30MKI जैसे Fighter Aircraft भी उड़ा चुके थे और बाद में MiG-21 Bison Squadron का हिस्सा बने।
19 जून 2017 को वे Wing Commander बने। फरवरी 2019 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष हुआ, तब वे Srinagar स्थित No. 51 Squadron के साथ MiG-21 Bison उड़ा रहे थे। बाद में नवंबर 2021 में उन्हें Group Captain के पद पर Promotion मिला।
27 फरवरी 2019 को आखिर क्या हुआ था?
Abhinandan की पहचान देशभर में मुख्य रूप से 27 फरवरी 2019 की उस Air Combat घटना के बाद बनी, जो Balakot Air Strike के अगले दिन हुई थी। 26 फरवरी को Indian Air Force ने Balakot में Jaish-e-Mohammed के Training Camp को निशाना बनाकर Air Strike की थी। इसके अगले दिन Pakistan Air Force के Fighter Aircraft ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की।
भारतीय वायुसेना के आधिकारिक Gallantry Citation के अनुसार 27 फरवरी की सुबह Pakistan Air Force के एक बड़े Fighter Aircraft Package को Line of Control की ओर बढ़ते हुए Detect किया गया। इस Formation में F-16 और JF-17 Aircraft शामिल थे और उनके पास Beyond Visual Range Air-to-Air Missiles तथा Air-to-Ground Weapons थे।
उस समय Srinagar Air Force Station पर Operational Readiness Platform Duty पर मौजूद Wing Commander Abhinandan Varthaman को Interception के लिए Scramble किया गया। आधिकारिक Citation के मुताबिक उन्होंने Low-Altitude Airspace में एक Enemy Aircraft को Detect किया और अपने साथ उड़ रहे अन्य Pilots को भी खतरे के बारे में Alert किया।
MiG-21 Bison बनाम F-16: वह ऐतिहासिक Air Combat
भारतीय वायुसेना की आधिकारिक Citation के अनुसार Abhinandan ने एक Retreating Enemy Fighter/Bomber Aircraft का पीछा किया और इसके बाद हुए Aerial Combat में अपने Aircraft की Missile से एक F-16 को मार गिराया। इसके कुछ ही समय बाद दूसरे पाकिस्तानी Aircraft की Missile ने उनके MiG-21 Bison को Hit किया।
इसके बाद Abhinandan को अपने Fighter Aircraft से Eject करना पड़ा। उनका Parachute Pakistan-controlled territory में उतरा। भारतीय पक्ष के आधिकारिक रिकॉर्ड में F-16 को गिराने का श्रेय Abhinandan को दिया गया है। इसी घटना के लिए उन्हें बाद में Vir Chakra से सम्मानित किया गया।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 2019 की घटना को लेकर भारत और पाकिस्तान के आधिकारिक दावों में अंतर रहा है। इसलिए
Pakistan में कैसे पकड़े गए Abhinandan?
MiG-21 से Eject करने के बाद Abhinandan Pakistan-controlled territory में उतरे। उनका Parachute एक ऐसे इलाके में गिरा जहां स्थानीय लोग जमा हो गए थे। उपलब्ध घटनाक्रम के अनुसार उन्होंने स्थिति को समझने और वहां से निकलने की कोशिश की। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट भी हुई।
कुछ समय बाद Pakistan Army के सैनिक वहां पहुंचे और Abhinandan को अपने नियंत्रण में ले लिया। इस तरह वे सीधे स्थानीय भीड़ के बीच से Pakistan Army की Custody में चले गए। बाद में Pakistan ने उनके Custody में होने की पुष्टि की और उनके Videos भी सामने आए।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा Abhinandan के उस संयम की हुई, जो उन्होंने बेहद तनावपूर्ण स्थिति में बनाए रखा। भारतीय वायुसेना की Vir Chakra Citation में भी उनके द्वारा Captivity के दौरान दिखाए गए Stoic, Brave और Dignified व्यवहार का उल्लेख किया गया।
करीब 60 घंटे Pakistan की Custody में रहे
Abhinandan लगभग 60 घंटे Pakistan की Custody में रहे। उनकी गिरफ्तारी के बाद भारत ने उनकी तत्काल और सुरक्षित रिहाई की मांग की। मामला तेजी से International Diplomatic Pressure का विषय बन गया और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था।
28 फरवरी 2019 को Pakistan के तत्कालीन प्रधानमंत्री Imran Khan ने घोषणा की कि Abhinandan को अगले दिन एक Goodwill Gesture के रूप में भारत को सौंपा जाएगा। Pakistan के Foreign Ministry के अनुसार उनकी वापसी को तनाव कम करने की कोशिश के रूप में पेश किया गया था।
1 मार्च 2019: Wagah Border से हुई घर वापसी
1 मार्च 2019 की रात वह क्षण आया जिसका पूरे देश को इंतजार था। Abhinandan Varthaman को Pakistan ने Attari-Wagah Border पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा। करीब रात 9:20 बजे उन्होंने Zero Line पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश किया।
उनके भारत लौटते ही देशभर में राहत और खुशी का माहौल बन गया। Border पर बड़ी संख्या में लोग जमा थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से उन्हें तुरंत वहां से ले जाया गया। बाद में उन्हें Medical Examination के लिए भेजा गया।
उनकी वापसी केवल एक सैनिक की घर वापसी नहीं थी; यह भारत-पाकिस्तान के बीच बेहद तनावपूर्ण सैन्य टकराव के दौरान एक महत्वपूर्ण Diplomatic Development भी बन गई थी।
Abhinandan को कौन-सा बड़ा सम्मान मिला?
27 फरवरी 2019 की कार्रवाई के लिए Abhinandan Varthaman को भारत के प्रमुख Wartime Gallantry Awards में से एक Vir Chakra प्रदान किया गया। भारत सरकार के Press Information Bureau के अनुसार President ने अगस्त 2019 में उनके Vir Chakra को मंजूरी दी थी।
Vir Chakra को Param Vir Chakra और Maha Vir Chakra के बाद भारत का तीसरा सर्वोच्च Wartime Gallantry Award माना जाता है। यह सम्मान उन्हें केवल F-16 को मार गिराने के लिए नहीं, बल्कि पूरे Air Combat में दिखाई गई Courage, Tactical Skill, Sense of Duty और Personal Safety की परवाह किए बिना किए गए प्रयासों के लिए दिया गया था।
दिलचस्प बात यह है कि Vir Chakra की आधिकारिक Citation में केवल Aerial Kill का उल्लेख नहीं है। इसमें यह भी दर्ज है कि Abhinandan ने दुश्मन के संख्यात्मक और तकनीकी रूप से बेहतर Aircraft Package का सामना किया और अपने साथियों को खतरे के बारे में Alert किया। Citation में Captivity के दौरान उनके संयम और गरिमापूर्ण व्यवहार को भी विशेष रूप से दर्ज किया गया।
2021 में बने Group Captain
2019 की घटना के बाद Abhinandan ने Air Force की सेवा जारी रखी। नवंबर 2021 में उन्हें Group Captain के पद पर Promotion मिला। Group Captain Indian Army के Colonel के लगभग समकक्ष Rank माना जाता है।
इस Promotion का मतलब यह भी था कि 2019 की घटना के बाद Abhinandan का Military Career समाप्त नहीं हुआ था। वे वापस Service में लौटे और Indian Air Force में आगे की जिम्मेदारियां निभाते रहे।
क्या उन्हें Bhagwan Mahavir Ahimsa Puraskar भी मिला था?
2019 में Akhil Bharatiya Digambar Jain Mahasamiti ने Abhinandan Varthaman को पहला Bhagwan Mahavir Ahimsa Puraskar देने की घोषणा की थी। उस समय घोषित Award में ₹2.51 लाख की राशि, Memento और Citation शामिल थे।
हालांकि इस Award को लेकर उपलब्ध विश्वसनीय Archival Reports मुख्य रूप से इसकी घोषणा और प्रस्तावित समारोह की जानकारी देती हैं। इसलिए इसे उनकी Confirmed Government Gallantry Decoration की तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। उनका सबसे स्पष्ट और आधिकारिक राष्ट्रीय सैन्य सम्मान Vir Chakra है।
31 मार्च 2026: Air Force से Retirement
करीब 22 साल की सेवा के बाद Abhinandan Varthaman ने 31 मार्च 2026 को Indian Air Force से Premature Retirement ले लिया। उनकी Retirement की खबर सितंबर 2026 में सामने आई, जब उनके Civil Aviation में जाने की जानकारी सार्वजनिक हुई।
एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उनकी Retirement के कारण को लेकर कोई आधिकारिक सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि उन्होंने किसी एक विशेष कारण, घटना या विवाद की वजह से Air Force छोड़ी। उपलब्ध रिपोर्टों में केवल Premature Retirement की पुष्टि है।
Air Force छोड़ने के बाद अब क्या करेंगे?
अब Abhinandan Varthaman ने Aviation ही नहीं छोड़ी है, बल्कि Military Aviation से Civil Aviation की ओर कदम बढ़ाया है। वे Goa आधारित Regional Airline FLY91 में Commercial Pilot के रूप में जुड़े हैं।
रिपोर्टों के अनुसार वे फिलहाल ATR 72-600 Aircraft के लिए Type Training कर रहे हैं। यह एक Twin-Engine Turboprop Passenger Aircraft है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से Short और Regional Routes पर किया जाता है।
इसका मतलब है कि भविष्य में Abhinandan Fighter Jet लेकर Combat Mission पर नहीं, बल्कि Passenger Aircraft के Cockpit से लोगों को एक शहर से दूसरे शहर ले जाते दिखाई देंगे।
क्या Abhinandan सीधे Passenger Flight उड़ाना शुरू कर देंगे?
नहीं, Retirement के तुरंत बाद किसी Fighter Pilot का Commercial Airline Pilot बन जाना Automatic प्रक्रिया नहीं है। Military Flying Experience बेहद महत्वपूर्ण जरूर है, लेकिन Civil Aviation में Airline Pilot के रूप में उड़ान भरने के लिए संबंधित Regulatory Requirements, Training, Aircraft Type Qualification, Medical Fitness और Airline की Operational Requirements पूरी करनी होती हैं।
Abhinandan फिलहाल ATR 72-600 की Type Training में हैं। इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि वे किस तारीख से Regular Passenger Flights के Captain या Pilot के रूप में उड़ान भरना शुरू करेंगे।
Goa से Hyderabad तक नई उड़ान की तैयारी
मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक Abhinandan FLY91 के साथ जुड़ने के बाद Goa-Hyderabad Route पर Training से संबंधित उड़ान गतिविधियों में हैं। Training और आवश्यक Approvals पूरे होने के बाद वे Regional Passenger Operations में शामिल हो सकते हैं।
यानी जिस व्यक्ति ने कभी MiG-21 Bison में सीमा के ऊपर Enemy Fighter Aircraft का सामना किया था, उसकी Aviation Career की अगली पारी एक पूरी तरह अलग जिम्मेदारी लेकर आएगी—अब लक्ष्य Combat नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षित और नियमित यात्रा होगी।
FLY91 में Abhinandan की नई भूमिका क्यों खास है?
Military Fighter Pilot का अनुभव Commercial Aviation के लिए कई मायनों में उपयोगी होता है। Fighter Pilots को High-Stress Situations, Navigation, Aircraft Systems, Emergency Procedures, Decision Making और Crew Coordination जैसी परिस्थितियों में कठोर Training मिलती है। Civil Aviation में भी Safety, Procedure और Discipline का बहुत महत्व है।
हालांकि Fighter Aircraft और Passenger Aircraft के संचालन में बड़ा अंतर है। MiG-21 Bison एक Supersonic Fighter Aircraft है, जबकि ATR 72-600 एक Regional Turboprop Passenger Aircraft है। इसलिए Abhinandan को अपने Military Flying Experience को Civil Aviation के अलग Operational Environment के अनुरूप ढालना होगा।
2019 के Hero से 2026 के Commercial Pilot तक
Abhinandan Varthaman की कहानी केवल एक Air Combat या एक Medal की कहानी नहीं है। 2019 में वे एक ऐसे Fighter Pilot के रूप में देश की चर्चा में आए जिन्हें Pakistan में लगभग 60 घंटे तक Custody में रखा गया। इसके बाद वे भारत लौटे, वापस Air Force में सेवा जारी रखी, Group Captain बने और अब करीब 22 साल की Military Service के बाद Aviation के ही Civil क्षेत्र में दूसरी पारी शुरू कर रहे हैं।
उनकी कहानी का नया अध्याय इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि आसमान वही है, लेकिन Mission पूरी तरह बदल गया है। कभी उनका काम देश की Airspace Security के लिए Fighter Aircraft उड़ाना था; अब उनका लक्ष्य Commercial Aviation में यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाना होगा।
क्या Abhinandan फिर Fighter Aircraft उड़ाएंगे?
उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में उनके Air Force से Retirement के बाद दोबारा Military Service या Fighter Flying में लौटने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। फिलहाल उनकी सार्वजनिक रूप से सामने आई नई भूमिका FLY91 के Commercial Pilot की है।
इसलिए अभी सबसे सही निष्कर्ष यही है कि Abhinandan Varthaman ने Military Aviation को अलविदा कहकर Aviation को ही नहीं छोड़ा है। उन्होंने आसमान में अपनी दूसरी पारी चुनी है—इस बार युद्धक विमान की जगह Passenger Aircraft के साथ।