मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव 2026 की मतगणना अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसी बीच रीवा के वरिष्ठ अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह के लगातार दूसरी बार राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य निर्वाचित होने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध चुनावी रिपोर्ट के अनुसार अखंड प्रताप सिंह ने 2,48,000 से अधिक मत-वैल्यू हासिल कर अपना निर्वाचन सुनिश्चित किया है।
अखंड प्रताप सिंह इस चुनाव में विंध्य क्षेत्र से सामान्य निर्वाचन श्रेणी में प्रमुख प्रत्याशियों में शामिल थे। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार सामान्य निर्वाचन में विंध्य से वे एकमात्र प्रत्याशी थे और उन्होंने लगातार दूसरी बार परिषद में जगह बनाई है।
राज्य अधिवक्ता परिषद में 25 सदस्यीय निर्वाचन व्यवस्था
मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्वाचन में कुल 25 सदस्यों के निर्वाचन की व्यवस्था है। वर्ष 2026 के चुनाव में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से संबंधित न्यायिक निर्देशों के बाद निर्वाचन व्यवस्था में महिला आरक्षण को शामिल किया गया। उपलब्ध चुनावी जानकारी के अनुसार 18 सदस्यों का निर्वाचन सामान्य प्रक्रिया से और 7 महिला सदस्यों का निर्वाचन महिला आरक्षण के तहत किया जाना है।
सुप्रीम कोर्ट के 13 मार्च 2026 के निर्देशों के बाद Bar Associations की निर्वाचित कार्यकारिणियों में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। मध्य प्रदेश में भी चुनावी प्रक्रिया के दौरान महिला प्रतिनिधित्व को लेकर न्यायिक निर्देशों और चुनावी व्यवस्था को लागू किया गया।
122 अधिवक्ताओं ने दाखिल किया था नामांकन
राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य पद के लिए इस वर्ष मध्य प्रदेश से कुल 122 अधिवक्ताओं ने नामांकन दाखिल किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार विंध्य क्षेत्र से भी करीब 30 अभ्यर्थियों ने सदस्य पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी।
निर्वाचन प्रक्रिया में अधिवक्ताओं के मतों की गणना निर्धारित चुनाव प्रणाली के अनुसार की जाती है। राज्य अधिवक्ता परिषद के आधिकारिक चुनाव नियमों में सदस्यों का निर्वाचन Single Transferable Vote प्रणाली के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है। आधिकारिक नियमों में परिषद के लिए 25 सदस्यों के निर्वाचन का उल्लेख है।
अखंड प्रताप सिंह को 2.48 लाख से अधिक मत-वैल्यू
मतगणना के दौरान अखंड प्रताप सिंह ने 2,48,000 से अधिक मत-वैल्यू हासिल की। इसी के साथ उनका लगातार दूसरी बार राज्य अधिवक्ता परिषद में निर्वाचन सुनिश्चित होने की जानकारी सामने आई है। यहां 2,48,000 का आंकड़ा सामान्य अर्थ में मतदाताओं की संख्या नहीं, बल्कि उपलब्ध रिपोर्ट में बताई गई मत-वैल्यू है।
राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव में Single Transferable Vote प्रणाली लागू होने के कारण मतगणना को सामान्य एक-व्यक्ति-एक-वोट वाली सीधी गणना के रूप में नहीं देखा जाता। मतपत्रों में अधिवक्ताओं की प्राथमिकताओं के आधार पर गणना और मतों का स्थानांतरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बदली चुनावी व्यवस्था
मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद का 2026 का चुनाव न्यायिक निगरानी के बीच हुआ। सुप्रीम कोर्ट के 4 फरवरी 2026 के आदेश में बताया गया था कि मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद का पिछला कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो चुका था और चुनाव कराने के लिए छह महीने का विस्तार दिया गया था। कोर्ट ने चुनाव 30 अप्रैल 2026 तक कराने का निर्देश दिया था और चुनाव की निगरानी के लिए हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी की भूमिका निर्धारित की थी।
बाद में चुनाव प्रक्रिया के दौरान महिला प्रतिनिधित्व से जुड़े न्यायिक निर्देश भी लागू रहे। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के Deeksha N. Amruthesh फैसले का उल्लेख करते हुए Bar Association की कार्यकारिणी में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत पद आरक्षित करने के निर्देश का संदर्भ दिया गया था।
रीवा और विंध्य के अधिवक्ताओं में खुशी
अखंड प्रताप सिंह के लगातार दूसरी बार निर्वाचित होने की जानकारी सामने आने के बाद रीवा और विंध्य क्षेत्र के अधिवक्ताओं तथा उनके सहयोगियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। अधिवक्ता संघ रीवा के अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय, अधिवक्ता संघ शहडोल के अध्यक्ष राकेश सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार शुक्ल, अधिवक्ता संघ रीवा के सचिव शुलभ पांडेय सहित कई अधिवक्ताओं ने उन्हें बधाई दी।
इस अवसर पर एस.के. सिंह, एडवोकेट वंश बहादुर सिंह, शंखेश्वर तिवारी, अनिल शुक्ला, अरविंद सिंह, विक्रम सिंह परिहार, देशराज सिंह और पूर्व प्राचार्य राजेंद्र सिंह सहित विंध्य एवं प्रदेश के अन्य अधिवक्ताओं और सहयोगियों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की।
दूसरी बार परिषद में पहुंचेंगे अखंड प्रताप सिंह
अखंड प्रताप सिंह के लगातार दूसरी बार निर्वाचित होने के साथ रीवा का प्रतिनिधित्व राज्य अधिवक्ता परिषद में आगे भी जारी रहेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने पिछले चुनाव में भी परिषद की सदस्यता हासिल की थी और इस बार फिर निर्वाचन में सफलता दर्ज की है।
फिलहाल राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव 2026 की मतगणना अंतिम चरण में है। अन्य सीटों के परिणाम और अंतिम निर्वाचन स्थिति पूरी मतगणना तथा आधिकारिक परिणाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।