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डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के आवास की सुरक्षा में चूक: नकाबपोश को खोज रही पुलिस, कई गिरफ्तार

रीवा में डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के आवास पर कांग्रेस प्रदर्शन और सुरक्षा घेरा पार करते कार्यकर्ता
रीवा में डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के अमहिया आवास पर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा घेरा पार कर परिसर में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता।साभार: The City Express

रीवा में डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के अमहिया स्थित आवास पर 6 सितंबर को हुए कांग्रेस के प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा पार कर आवास परिसर तक पहुंच गए थे। इसी दौरान भीड़ में एक नकाबपोश व्यक्ति दिखाई देने का दावा सामने आया है, जिसकी पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।

Quick Read

  • 6 सितंबर को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल के अमहिया आवास का घेराव किया था।
  • प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा व्यवस्था पार कर आवास परिसर तक पहुंच गए।
  • पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाला और कई लोगों को हिरासत में लिया।
  • भीड़ में एक संदिग्ध नकाबपोश व्यक्ति दिखाई देने का दावा भी सामने आया है।

रीवा: डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के अमहिया स्थित आवास पर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 6 सितंबर को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में विरोध प्रदर्शन करते हुए डिप्टी CM के आवास पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा पार कर आवास परिसर तक पहुंच गए।

स्थिति बिगड़ती देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकाला। घटना के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बाद में मामले में FIR भी दर्ज की है।

गेट पर चढ़े प्रदर्शनकारी, परिसर तक पहुंचे

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता डिप्टी CM के अमहिया स्थित आवास के बाहर जुटे थे। नारेबाजी के बीच कुछ प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा पार करते हुए बंगले के गेट तक पहुंच गए और कुछ लोग परिसर के अंदर भी चले गए। इससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाला और कई लोगों को हिरासत में लिया। घटना के बाद आवास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

भीड़ में नकाबपोश व्यक्ति दिखने का दावा

घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच एक नकाबपोश व्यक्ति दिखाई देने का दावा सामने आया है। इस व्यक्ति की पहचान और प्रदर्शन में उसकी भूमिका को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर पुलिस और संबंधित सुरक्षा तंत्र इसकी पड़ताल कर रहा है।

हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में इस नकाबपोश व्यक्ति की पहचान या उसकी किसी आपराधिक गतिविधि की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल उसे संदिग्ध या आरोपी के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वह व्यक्ति कौन था और प्रदर्शन के दौरान उसकी भूमिका क्या थी।

सुरक्षा घेरा पार होने से उठे सवाल

डिप्टी CM जैसे संवैधानिक पद पर बैठे नेता के आवास तक प्रदर्शनकारियों का सुरक्षा घेरा पार कर पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। खासकर तब, जब मौके पर पुलिस बल पहले से तैनात था और प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन को थी।

घटना के बाद पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों, परिसर में प्रवेश करने वालों और कथित तोड़फोड़ से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उनकी भूमिका जांच के आधार पर तय होगी।

प्रदर्शन के पीछे क्या था पूरा मामला?

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।

कल्पना मिश्रा की मौत के बाद मामला लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। प्रशासन ने मामले की Magisterial Inquiry के आदेश दिए हैं। इससे पहले दो डॉक्टरों और दो Nursing Officers के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है। अस्पताल के अधीक्षक को भी बदला गया है, जबकि डीन का ट्रांसफर कर दिया गया है। 

डिप्टी CM आवास पर प्रदर्शन के बाद सियासत तेज

आवास पर हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। भाजपा ने प्रदर्शनकारियों के आवास परिसर में प्रवेश को गंभीर मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं की ओर से स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है।

पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर

डिप्टी CM के आवास पर हुए प्रदर्शन और परिसर में प्रवेश के मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि प्रदर्शनकारी किस तरह सुरक्षा घेरे तक पहुंचे, किन लोगों ने परिसर में प्रवेश किया और प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की तोड़फोड़ या अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी घटना हुई या नहीं।

नकाबपोश व्यक्ति की मौजूदगी का दावा भी जांच का हिस्सा हो सकता है, लेकिन उसकी पहचान और भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल इस घटना का सबसे स्पष्ट तथ्य यही है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग सुरक्षा व्यवस्था पार कर डिप्टी CM के आवास परिसर तक पहुंच गए थे।

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