✍️ विशेष संवाददाता•Published On 21st Aug, 2026 @ 3:14 PM
Updated On 21st Aug, 2026 @ 3:17 PM
कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के खिलाफ कुठला थाने में धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र समेत गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की गई है। मामला खसरा नंबर 2618/1 की जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा है।
Katni CSP Neha Pachisia FIR: मध्य प्रदेश के कटनी में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके खिलाफ कुठला थाने में धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न आरोपों में FIR दर्ज की गई है। मामला कुठला थाना क्षेत्र की एक जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा है, जिसकी सरकारी गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख रुपये बताई गई, जबकि रजिस्ट्री 18.20 लाख रुपये में किए जाने का आरोप है।
मामले की जांच जबलपुर रेंज स्तर पर कराई गई थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कुठला थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार CSP नेहा पच्चीसिया के साथ मारूफ अहमद हनफी और क्षितिज राज बारापात्रे के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। आरोपों की जांच अभी जारी है, इसलिए FIR में लगाए गए आरोपों को अदालत में सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में रजिस्ट्री का आरोप
मामला कुठला थाना क्षेत्र के खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा है। जांच रिपोर्ट में जमीन की सरकारी गाइडलाइन कीमत 82 लाख 86 हजार 930 रुपये से अधिक बताई गई है। आरोप है कि इस जमीन की रजिस्ट्री महज 18 लाख 20 हजार रुपये में कराई गई।
रिपोर्ट के अनुसार रजिस्ट्री में भुगतान के तौर पर 15 लाख रुपये चेक और 3.20 लाख रुपये नकद दर्शाए गए थे। जमीन के वास्तविक मूल्य और रजिस्ट्री में दर्ज रकम के बीच बड़ा अंतर होने के कारण यह सौदा जांच के दायरे में आया।
रजिस्ट्री के दिन खरीदार के खाते में आए 15 लाख
जांच में जमीन के खरीदार के रूप में दर्ज मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते के लेनदेन की भी जांच की गई। रिपोर्ट के मुताबिक रजिस्ट्री की तारीख 15 अप्रैल 2026 को उसके खाते में 15 लाख रुपये दो अलग-अलग खातों से ट्रांसफर किए गए।
बताया गया है कि इनमें 10 लाख रुपये ‘शाइन पार्टनर्स’ से और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से आए। जांच में इन लेनदेन को जमीन की रजिस्ट्री में हुए भुगतान से जोड़कर देखा गया है।
दो खातों में एक ही PAN नंबर मिलने का दावा
जांच के दौरान बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार संबंधित दो खातों में एक ही PAN नंबर दर्ज पाया गया। जांच एजेंसियों ने इस विसंगति को संदिग्ध लेनदेन और कथित सांठगांठ के एंगल से देखा है।
इसी आधार पर मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई। हालांकि इस तथ्य का अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।
मामला हत्या के आरोपी की जमीन से भी जुड़ा बताया गया
जांच रिपोर्टों के अनुसार जमीन विवाद का संबंध कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव में हुए एक हत्या मामले से भी बताया गया है। इस मामले में रमेश लोधी को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि उसके खिलाफ चल रही जांच और जमीन के सौदे के बीच घटनाक्रम सामने आया।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित जमीन को कम कीमत पर दूसरे व्यक्ति के नाम कराने के लिए दबाव का इस्तेमाल किया गया। इन आरोपों की जांच के आधार पर ही पुलिस अधिकारियों ने प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की है।
जमीन सौदे में पुलिस पद के दुरुपयोग का आरोप
शिकायत और जांच में मुख्य आरोप यह है कि पुलिस पद और प्रभाव का इस्तेमाल जमीन के सौदे को प्रभावित करने के लिए किया गया। FIR में पद के कथित दुरुपयोग के साथ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FIR में आरोप दर्ज होना दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में पुलिस जांच करेगी, साक्ष्य जुटाए जाएंगे और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की सत्यता पर न्यायिक निष्कर्ष सामने आएगा।
नेहा पच्चीसिया के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आई थीं
कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ इससे पहले भी शिकायतों की जांच की गई थी। जुलाई-अगस्त 2026 में एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की शिकायत के बाद कथित अवैध वसूली और अन्य आरोपों की जांच जबलपुर स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी गई थी।
इस मामले में विभागीय स्तर पर CSP के कार्यक्षेत्र से थानों का प्रभार वापस लेने की कार्रवाई भी सामने आई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पहले दो और बाद में तीन थानों का प्रभार उनसे हटाया गया था।
हाईकोर्ट में FIR के खिलाफ पहुंची थीं CSP
रिपोर्टों के अनुसार नेहा पच्चीसिया ने अपने खिलाफ प्रस्तावित/दर्ज कार्रवाई को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया था। इससे पहले भी उन्होंने पुलिस अधीक्षक द्वारा थानों का प्रभार वापस लेने के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी। उस मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था।
ताजा जमीन मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले में बैंक लेनदेन, जमीन की रजिस्ट्री, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और अन्य दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
जांच में किन बिंदुओं पर फोकस रहेगा?
- जमीन की वास्तविक बाजार और सरकारी गाइडलाइन कीमत।
- 18.20 लाख रुपये की रजिस्ट्री में भुगतान का स्रोत।
- रजिस्ट्री के दिन बैंक खातों में हुए 15 लाख रुपये के ट्रांसफर।
- संबंधित खातों में दर्ज PAN नंबर और KYC विवरण।
- जमीन के मालिक, खरीदार और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बीच संबंध।
- क्या किसी पुलिस पद या अधिकार का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।
- जमीन सौदे और संबंधित आपराधिक मामले के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।
कटनी CSP मामले में अब आगे क्या होगा?
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले में दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड जुटाएगी। संबंधित लोगों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है। जांच में आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं, यह आगे सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि आरोपी व्यक्ति को दोषी तभी माना जा सकता है जब सक्षम अदालत में आरोप साबित हों। इसलिए वर्तमान स्थिति को FIR और जांच के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए।
कटनी CSP नेहा पच्चीसिया FIR: क्या है पूरा मामला?
कुल मिलाकर मामला एक ऐसी जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा है जिसकी सरकारी गाइडलाइन कीमत 82.86 लाख रुपये से अधिक बताई गई है, जबकि रजिस्ट्री 18.20 लाख रुपये में किए जाने का आरोप है। जांच में रजिस्ट्री के दिन खरीदार के खाते में दो अन्य स्रोतों से 15 लाख रुपये आने और संबंधित बैंक रिकॉर्ड में एक ही PAN नंबर मिलने की बात सामने आई है।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर रहेगा कि जमीन के सौदे में किसकी क्या भूमिका थी और क्या किसी पुलिस पद का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।